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हसन नसरल्लाह की मौत

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 हसन नसरल्लाह की मौत और सीरिया में कुछ लोगों के जश्न मनाने पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया

अख़बार लिखता है कि ताक़तवर लड़ाकू संगठनों और ईरान के प्रतिनिधियों को हिज़्बुल्लाह नेता की मौत के बाद इस बात पर फ़ैसला लेना है कि वो इस पर कैसे और क्या जवाबी कार्रवाई करेगा।

हसन नसरल्लाह की मौत के बाद के फोटो 

अख़बार के मुताबिक़, "नसरल्लाह की मौत ने ईरान समर्थित ताक़तों के ख़िलाफ़ इसराइल के युद्ध को नए क्षेत्र में धकेल दिया है. ईरान लंबे समय से अपने ‘प्रॉक्सी’.. ग़ज़ा में हमास, लेबनान में हिज़्बुल्लाह और यमन में हूती को इसराइल के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश में लगा है.

"नसरल्लाह पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए ईरान के नेताओं ने जवाबी कार्रवाई को लेकर कोई सीधा क़दम नहीं उठाया है, न ही उन्होंने पिछले महीने तेहरान में हमास नेता इस्माइल हनिया की हत्या के लिए इसराइल के ख़िलाफ़ कोई कदम उठाया है."

न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि 'हिज़्बुल्लाह और इसराइल के बीच मौजूदा संघर्ष तब शुरू हुआ जब पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास के नेतृत्व वाले हमलों के बाद हिज़्बुल्लाह ने इसराइल पर मिसाइल और ड्रोन दागना शुरू किया और ग़ज़ा में जंग शुरू हो गई. इससे दोनों देशों में डेढ़ लाख़ से ज़्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं.'

नसरल्लाह की मौत के बाद रोते-बिलखते लोग'

अख़बार के मुताबिक़ हसन नसरल्लाह एक शिया धर्मगुरु थे जिन्होंने साल 1992 से हिज़्बुल्लाह का नेतृत्व किया था. उन्होंने इसे एक प्रभावशाली राजनीतिक दल के रूप में विकसित होते देखा, जिसके पास लेबनानी संसद में सीटें थीं और एक शक्तिशाली लड़ाकू संगठन था, जिसके पास मिसाइलों, रॉकेटों और ड्रोनों का बड़ा भंडार था।

"उनकी मौत के बाद बेरूत शहर के बीचों-बीच एक बड़ी मस्जिद के बाहर महिलाओं और बच्चों समेत लोगों को रोते हुए देखा गया. महिलाएं कह रही थीं, 'वह चला गया! सैय्यद, वह चला गया।

क्या अमेरिका को कोई भनक नहीं थी?

अख़बार के मुताबिक़ कैलिफोर्निया में नेवल पोस्ट ग्रेजुएट स्कूल में राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रोफेसर अफशोन ओस्टोवर ने कहा है, “तथ्य यह है कि हिज़्बुल्लाह को उनकी हत्या से पहले ही काफी नुकसान हो चुका है. अगर आपको कोई ऐसी चीज़ विरासत में मिली है जो अभी-अभी नष्ट हुई है, तो आपको चीज़ों को वापस पटरी पर लाने के लिए अलग तरीके से काम करना होगा." ।

तुर्की ने बताया 'नरसंहार' पाकिस्तान के अंग्रेज़ी अख़बार 'डॉन' ने नसरल्लाह की हत्या पर विस्तार से ख़बर दी है।

अख़बार लिखता है, "लेबनान के सैय्यद हसन नसरल्लाह ने इसराइल के साथ दशकों तक चले संघर्ष में हिज़्बुल्लाह का नेतृत्व किया था, क्षेत्रीय प्रभाव वाले सैन्य बल में इसके बदलाव की देखरेख की थी और कथित तौर पर ईरानी समर्थन के साथ पीढ़ियों में सबसे प्रमुख अरब हस्तियों में से एक बन गए थे."

सीरिया में सरकार विरोधी गुटों ने मनाया जश्न

लंदन से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी अख़बार ‘द टेलिग्राफ़’ की एक ख़बर के मुताबिक़, सीरिया में कुछ लोगों ने हसन नसरल्लाह की मौत का जश्न मनाया है. अख़बार के मुताबिक़, शनिवार को उत्तर-पश्चिमी शहर इदलिब की सड़कों पर लोगों ने डांस किया।

"जैसे ही बेरूत में हिज़्बुल्लाह के मुख्यालय पर इसराइल के हमले की ख़बर विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले शहर में फैली, लोगों ने खुशी मनाई और तालियाँ बजाईं, जबकि वहां से गुज़रने वाले ड्राइवरों ने अपने हॉर्न बजाए"।


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